26 June, 2020

इंडियन ऑयल ने इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए बैटरी स्वैपिंग सुविधा शुरू की, अब मिनटों में मिल जाएगी फुल चार्ज बैटरी

देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शुक्रवार को बैटरी स्वैपिंग सुविधा लॉन्च की। इस सुविधा के शुरू होने से इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) में बैटरी चार्जिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। आईओसी ने यह सुविधा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराई है, जहां से कोई भी ईवी चालक मिनटों में डिस्चार्ज बैटरी के बदले में फुल चार्ज बैटरी ले सकता है।

कहां मिलेगी सुविधा

पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा चंडीगढ़ के एक पेट्रोल पंप से शुरू की गई है। आने वाले समय में इस सुविधा को देशभर के 20 अन्य आईओसी आउटलेट्स पर भी शुरू किया जाएगा।

इनको होगा लाभ

शुरुआत में इस सुविधा का लाभ इलेक्ट्रिक ऑटो, इलेक्ट्रिक रिक्शा और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर जैसे कमर्शियल व्हीकल को मिलेगा। इसके अलावा फैक्ट्री फिटेड इलेक्ट्रिक व्हीकल भी बैटरी सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

सन मोबिलिटी के साथ साझेदारी

आईओसीएल ने इस सुविधा के लिएसन मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत सन मोबिलिटी बैटरी स्वैपिंग सुविधा के लिए क्विक इंटरचेंज स्टेशन (क्यूआईएस) स्थापित कर रही है।

इन शहरों में भी जल्द शुरू होगी सुविधा

पायलट प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ में एक और क्यूआईएस की स्थापना की जाएगा। इसके अलावा अमृतसर और बेंगलुरु में भी एक-एक क्यूआईएस की स्थापना जल्द की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट में दिल्ली, गुरुग्राम समेत अन्य प्रमुख शहरों को भी शामिल किया जाएगा।

कैसे मिलेगा लाभ

सुविधा का लाभ लेने के लिए ईवी को आईओसीएल के क्यूआईएस ले जाना होगा। यहां पर डिस्चार्ज बैटरी को डिस्पेंसिंग स्टेशन में रखना होगा। इसके कुछ ही देर बाद आपको फुल चार्ज्ड बैटरी मिल जाएगी। सभी प्रकार के तीन/चारपहिया ईवी की बैटरी स्वैप की जा सकेगी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद आपको बैटरी चार्ज करने का बिल मिल जाएगा।

प्रत्येक क्यूआईएस पर 14 बैटरी

आईओसीएल के मुताबिक, एक क्यूआईएस पर 14 बैटरी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा एक प्री-लोडेड स्वैपिंग कार्ड के साथ टच स्क्रीन और एक इलेक्ट्रिसिटी सब मीटर भी क्यूआईएस में लगा है। यह क्यूआईएस थ्री-व्हीलर सेगमेंट को वैकल्पिक एनर्जी सॉल्यूशन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पिछले साल 4 हजार ईवी की बिक्री

आईओसीएल के चेयरमैन संजीव सिंह के मुताबिक, पिछले साल कुल 35 लाख वाहनों की बिक्री हुई थी। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या मात्र 4 हजार रही। सिंह का कहना है कि बैटरी चार्जिंग में ज्यादा समय लगने के कारण इन वाहनों की कम बिक्री हो रही है।



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पिछले साल कुल 35 लाख वाहनों की बिक्री हुई थी। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या मात्र 4 हजार रही।


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